Saturday, 26 November 2016

अर्जुन ...

एकजुट हो गया पुनः है कौरव - पराजित भीड़,
पार्थ, उठा गांडिव चला दुर्जन पर वो ही तीर।

इस बार नहीं है भीष्म कोई, न बाधा हैं गुरु द्रोण,
शर साध लक्ष्य पर पार्थ, देख मत मुझे खड़े हो मौन।

- आनंद राज 'रीतेय'